Tuesday, February 26, 2019

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के बाद क्या बोले पीएम मोदी और अमित शाह?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजस्थान के चुरु में एक जनसभा के दौरान पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भारतीय वायुसेना के हमले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है.

जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने साल 2014 के चुनावी वादों को दोहराया, 'चुरु की धरती से मैं ये कहना चाहूंगा कि देश सुरक्षित हाथों में है...साल 2014 में, विजय शंखनाद युवा संगम के दौरान मैं मैंने अपनी आत्मा की बात आप सबके सामने रखी थी. मैं 2014 की बात कर रहा हूं. मेरी आत्मा कहती है - आज का दिवस, उस बात को फिर से दोहराने का दिवस है. चुरु की धरती से मैं फिर से एक बार 2014 के मेरे इन शब्दों को मां भारती के वीरों को नमन करते हुए आज मैं फ़िर से दोहरा रहा हूं.'

'सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा. मेरा वचन है, भारत मां को, तेरा शीष झुकने नहीं दूंगा. जाग रहा देश है, देश मेरा, हर भारतवासी जीतेगा, सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा. देशवासियों हमें फिर से दोहराना है और खुद को याद दिलाना है. न भटकेंगे, न अटकेंगे, कुछ भी हो, हम देश नहीं झुकने देंगे. मैं देश नहीं मिटने दूंगा. आज के इस दिन पर, फिर एक बार, ये प्रधानसेवक नमन करता है'

राजस्थान में रैली के बाद पीएम मोदी दिल्ली पहुंचे और दिल्ली मेट्रो की सवारी कर इस्कान टैंपल पहुंचे जहां उन्होंने सबसे बड़ी गीता का विमोचन किया.

क्या बोले अमित शाह?
वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बालाकोट हमले पर खुलकर टिप्पणी दी है कि ये कार्रवाई नए भारत की इच्छाशक्ति को दर्शाती.

इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट किया है, "भारत की जाबांज सेना को उनकी बहादुरी और वीरता के लिए बधाई देता हूँ और उन्हें सलाम करता हूँ. आज की कार्रवाई ने यह पुनः साबित किया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मजबूत और निर्णायक नेतृत्व में भारत सुरक्षित है."

ओआईसी सदस्य देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, मोरक्को, ट्यूनिशिया और मिस्र जैसे देशों से भारत के द्विपक्षीय कारोबार और निवेश वाले संबंध काफी बेहतर हैं. अरब खाड़ी में करबी 60 लाख भारतीय रहते हैं और काम करते हैं, जिनमें आधे सऊदी अरब में रहते हैं.

इन लोग अपने देश में जितना पैसा भेजते हैं वह भारत के सालाना बजट का करीब 40 फ़ीसदी होता है. जबकि हर साल करीब डेढ़ लाख भारतीय मुसलमान मक्का मदीना की यात्रा करते हैं. खाड़ी देशों के लिए भारत निवेश का बेहतरीन ठिकाना माना जाता है. जबकि ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इराक भारत को तेल आपूर्ति करने वाले अहम देश हैं.

क्या मिल रहा है संकेत
भारत ने सूडान, सीरिया, ओमान और क़तर में पेट्रोलियम से जुड़े वेंचरों में निवेश किया है ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था को पेट्रोलियम मिलता रहे.

सीरिया और यमन के बीच जिस तरह से संघर्ष बढ़ रहा है और अरब देश जिस तरह से दो धुरी में तब्दील होते जा रहे हैं, जिसमें एक तरफ तो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हैं और दूसरी तरफ़ क़तर है. हालांकि भारत की नीति अरब देशों के बीच दखल नहीं देने की रही है, लेकिन माना जा रहा है कि राजनीतिक तौर पर आपसी सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

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संयुक्त अरब अमीरात के आमंत्रण के मुताबिक भारतीय विदेश मंत्री को ओआईसी के उद्घाटन संत्र में संबोधन देना है जो एक तरह से भारत के संयुक्त अरब अमीरात के साथ ही नहीं बल्कि इस्लामिक देशों के साथ संबंधों का सूचक है.

ओआईसी देशों से भारत को जो चुनौती मिल सकती है, उसे संबोधित करने के लिहाज़ से ये भारत के सामने पहला अवसर होगा. ओआईसी के सदस्य देश कैसे काम करते हैं, इसे एक बार में बदलना तो संभव नहीं होगा लेकिन उस पर असर डाला जा सकता है.

हालांकि मोदी सरकार और भारत, दोनों के लिए ये किसी जोख़िम से कम नहीं होगा. हालांकि इसमें कामयाब होने पर यह जम्मू और कश्मीर की स्थिति और इस्लामिक देशों से भारत के रिश्ते दोनों को प्रभावित करेगा.

Wednesday, February 20, 2019

कुलभूषण जाधव मामला: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत ने किया मुंबई हमले और कसाब का ज़िक्र

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपनी दलीलें पूरी कर ली हैं. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के मुख्यालय में इस चार दिवसीय सुनवाई की शुरुआत सोमवार से हुई.

भारत और पाकिस्तान ऐसे वक़्त में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में आमने-सामने हैं जब दोनों देशों के बीच भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा हमले के बाद पहले से ही काफ़ी तनाव है.

अदालत में भारत का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के फ़ैसले को रद्द करने, सिविल कोर्ट में मामले की निष्पक्ष सुनवाई और कुलभूषण जाधव को कांसुलर (दूतावास के अधिकारी से मिलने की अनुमति) की पूरी पहुंच दिलाने की अपील की.

पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और आंतकवाद के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई है.

जाधव को साल 2016 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ़्तार किया गया था. उन पर पाकिस्तानी सैन्य अदालत में मुक़दमा चला और मौत की सज़ाई सुनाई गई.

भारत ने की तुरंत रिहाई की मांग
सुनवाई के पहले दौर में भारतीय वकील हरीश साल्वे ने अदालत से जाधव की मौत की सज़ा माफ़ करने और उन्हें तत्काल रिहा किए जाने की मांग की.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से पास जाधव को दोषी ठहराने के लिए उनके 'जबरन इक़बालिया बयान' के अलावा कोई और सबूत नहीं है.

साल्वे ने ये भी कहा कि पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय जांच से ध्यान भटकाने के लिए कुलभूषण जाधव को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहा है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में सुनवाई को बेपटरी करने की नाकाम कोशिशें भी कर चुका है.

साल्वे ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत का ज़िक्र करते हुए कहा कि कोई देश अपने यहां के क़ानून का हवाला देकर अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन नहीं कर सकता.

हरीश साल्वे ने कहा कि कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई को चार-पांच महीनों में पूरी कर ली गई. उन्होंने सवाल किया, "मुंबई आतंकी हमलों में मारे गए 150 लोगों का क्या हुआ?"

इसके अलावा साल्वे ने न्यायिक समीक्षा की व्याख्या करते हुए भारतीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजमल कसाब मामले की सुनवाई का उल्लेख किया.

उन्होंने कहा, "कसाब मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सज़ा को ध्यान में रखते हुए निचली अदालतों में पेश किए गए इसके बुनियादी साक्ष्यों की भी जांच की थी. असल मायने में इसे न्यायिक समीक्षा कहते हैं."

वहीं, पाकिस्तान ने भारत की दलीलों के जवाब में कहा कि जाधव की रिहाई की भारत की मांग 'अजीब' है.

हरीश साल्वे ने सुनवाई के दौरान अदालत का इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि पाकिस्तान की ओर से पेशी में 'बेशर्म' और 'घमंडी' जैसे शब्दों का बार-बार ज़िक्र किया गया है.

साल्वे ने कहा, "भारत अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपमानित किए जाने पर आपत्ति जताता है. हालांकि भारतीय संस्कृति मुझे ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करने से रोकती है..."

फ़िलहाल अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में यह सुनवाई दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई है.

अदालत अब पाकिस्तान के दूसरे दौर की मौखिक पेशी और आख़िरी दलीलें गुरुवार को सुनेगी.

भारत के जवाब में पाकिस्तान को 90 मिनट में अपनी बात रखनी होगी. जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फ़ैसला इसी साल मई-जून में आने की संभावना है.

Thursday, February 14, 2019

क्या उरी की तरह लिया जाएगा पुलवामा का बदला, फिर होगी सर्जिकल स्ट्राइक?

कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले ने पूरे देश को दहला दिया है. पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के इशारे पर हुए इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पड़ोसी मुल्क अपनी नापाक हरकतों से मानने वाला नहीं है. 2016 में उरी में हुए हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को जरूर मुंहतोड़ जवाब दे दिया गया था, लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है. वहीं बीजेपी ने कहा है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान का क्या हश्र होने वाला है, इसका उन्हें अंदाजा नहीं है. ऐसे में माना जा रहा कि मोदी सरकार एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट टू के जरिए पड़ोस में पल रहे आतंक के फन को कुचल सकती है. 

राजनाथ लखनऊ से लौटे दिल्ली, एक्शन में अजीत डोवाल

पुलावामा में CRPF के काफिले पर हुए हमले के फौरन बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से दिल्ली पहुंच गए हैं. उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरी जानकारी ली. उन्होंने सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर से पूरे हालात की रिपोर्ट ली है. राजनाथ अब कल श्रीनगर जाएंगे. दूसरी तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. सीआरपीएफ से अधिकारियों से वे पूरी जानकारी ले रहे हैं.

गौरतलब है कि 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक अजीत डोवाल की निगरानी में ही की गई थी. उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन की रूपरेखा तय की थी. इस ऑपरेशन को इतना खुफिया रखा गया था कि किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगी थी.

संबित पात्रा बोले- पाकिस्तान को उसके हश्र का अंदाजा नहीं

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि भारत की सरकार और भारत की जनता को पाकिस्तान ने ललकारा है. आने वाले दिनों में पाकिस्तान का क्या हश्र होने वाला है, इसका उन्हें अंदाजा नहीं है. पाकिस्तान को पिछली बार सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए मजा चखाया गया था. उनके आतंकियों को तबाह किया था. पात्रा ने कहा कि आतंकियों को अब सीमा पर ही मार दिया जा रहा है. इसलिए वे बुरी तरह फ्रस्ट्रेट हैं.

जब उरी में हमले से दहल गया था देश

18 सितंबर 2016 को आतंकियों ने उरी में बड़ा हमला किया था. अपने कैंप में सो रहे निहत्थे सैनिकों को आतंकियों ने निशाना बनाया था. इस हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. मोदी सरकार ने तभी कहा था कि आतंकियों को इसका जवाब दिया जाएगा. 10 दिन तक छाई चुप्पी ने पूरे देश को बेचैन कर दिया था. लेकिन मोदी सरकार ने इसी बीच बड़ी खुफिया तैयारी की, जिसका अंजाम 30 सितंबर को पूरी दुनिया ने देखा.  28-29 की दरम्यानी रात को पीओके में तीन किलोमीटर अंदर घुसकर भारतीय सेना ने आतंकियों के कैंपों को उड़ा दिया था. भारतीय सेना के बहादुर स्पेशल फोर्सेज के 7 दस्तों ने इस पूरे ऑपरेशन को बखूबी अंजाम दिया. बिना किसी जवान को खोए दुश्मन के घर घुसकर भारतीय रणबांकुरों ने 50 से अधिक आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया था.

Thursday, February 7, 2019

春节:穆斯林世界华人如何庆祝敏感“猪”年

农历新年将至,除了中国外,韩国丶越南丶印度尼西亚及新加坡、马来西亚等国家把农历新年定为假期。全球华人欢庆猪年到来,购物商场也换上新布置,充满过节气氛,但在马来西亚首都吉隆坡却几乎看不到和猪有关的装饰。

对“猪”敏感
吉隆坡居民安琪向BBC中文表示,往年各个购物广场都会以该年生肖作为装饰主题,今年却没看到任何商场以猪作为装饰,取而代之的是则是花圈丶灯笼或各籍贯的文化特色。她无奈的说,“商家卖的红包袋没有和有猪有关的设计,就连猪娃娃也看不到。”

另外,据了解,马来西亚邮政公司过去每年会推出生肖邮票,狗年推出“工作犬邮票”,猪年则未推出与猪相关的邮票,改为发行节庆邮票。

马来西亚有六成人口是穆斯林,民事法庭与回教法庭并存,实施伊斯兰教法,对于穆斯林而言,猪是不洁的动物,因此穆斯林既不能触摸,也不食用猪肉。华裔约有700万人,是继马来人后的第二大民族,占总人口数23.2%。

猪年谈猪:中西方文化对“猪”的误解与趣闻
台湾人过新年:走一趟台北年货大街
马来西亚乡音考古工作者张吉安分析,过去这十年来,前朝政府,前马来西亚首相纳吉布执政时,常以宗教手段或政策分化马来人和华人,华人为了不惹麻烦,凡事都会以穆斯林作为第一考虑,而牺牲自身的传统文化。

他举例,像是印制农历月历的华人业者,每到狗年和猪年就不会在月历上印制动物图腾。他曾经询问业者,业者解释这是为了避免争议,才没有印制。

他强调,马来西亚政府并未禁止猪的图腾或肖像,但华人退让已经成了习惯,担心招惹争议,因此多一事不如少一事。张吉安对BBC中文说,“华人在文化上已经习惯退让,在别人没有审查你前就先自我审查,宛如台湾的白色恐怖时期,满可悲的。”

张吉安透露,他在1月26、27日所筹画的“茨厂街年味节”的新春市集,他刻意打扮成“猪八戒”,并在街上布置猪的图腾,就是要突破限制,希望华人能克服恐惧,让大家知道在马来西亚表现华人传统文化,其实没问题。

他说,“实现自己文化与习俗,却要考虑其他种族的想法。这并不是马来西亚多元文化的表现。”

事实上,在马来西亚不只他在文化上试图突破,沙巴州首府刚结束的亚庇艺术市集(Jesselton Artisan Market),有一对穆斯林夫妇因为贩售猪形状的艺术品而在社交媒体上爆红。

马来西亚媒体报导,该穆斯林夫妇希望透过这个方式,带动其他人了解伊斯兰教及穆斯林,加深彼此之间的认识,互相包容,进而消除对各自信仰和族群,因为误解所引起的纷争。

张吉安向BBC中文表示,马来西亚的年轻华人,对自我的身份认同感到疑惑,想要同时证明自己爱国,却有想要保留自身的民族与文化,因此在自我认同上,不断地在寻找跟抉择。

Sunday, January 27, 2019

हार्दिक, शमी का कसा प्रदर्शन, न्यूज़ीलैंड 243 रनों पर ऑलआउट

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच जारी तीसरे एकदिवसीय मैच में न्यूज़ीलैंड की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 49 ओवरों में 243 रनों पर ऑलआउट हो गई. भारत को अब जीत के लिए 244 रन बनाने हैं

न्यूज़ीलैंड की शुरुआत ख़ासी अच्छी नहीं रही और सातवें ओवर तक उसके दो विकेट गिर गए थे लेकिन इसके बाद बल्लेबाज़ी करने आए रॉस टेलर क्रीज़ पर जम गए और उन्होंने 93 रन बनाए.

46वें ओवर में मोहम्मद शमी ने उन्हें दिनेश कार्तिक के हाथों कैच आउट करवाया और वह अपना शतक नहीं पूरा कर पाए.

उनके बाद टॉम लैथम ने सबसे अधिक 51 रन बनाए. भारत की ओर से सबसे कसी हुई गेंदबाज़ी मोहम्मद शमी ने की उन्होंने तीन विकेट लिए.

वहीं प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाले हार्दिक पांड्या ने ग़ज़ब का प्रदर्शन किया. उन्होंने दो विकेट लेने के अलावा शानदार फ़ील्डिंग की.

उन्होंने चहल की गेंद पर न्यूज़ीलैंड के कप्तान के.एस. विलियम्सन (28 रन) का शानदार कैच लिया.

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तीसरे एकदिवसीय मैच में न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला लिया है.

माउंट मॉन्गनुई में यह तीसरा एकदिवसीय मैच खेला जा रहा है. इससे पहले दूसरा एकदिवसीय मैच भी इसी मैदान में खेला गया था जिसमें भारतीय टीम ने 90 रनों से मेज़बान टीम को हराया था.

दूसरे एकदिवसीय मैच में भारतीय टीम ने मेज़बान टीम को 234 रनों पर ऑलआउट कर दिया था.

रनों (90) के लिहाज़ से न्यूज़ीलैंड की ज़मीन पर यह भारतीय टीम की अब तक की सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले 2009 में भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड में 84 रनों से जीत दर्ज की थी.

पहला एकदिवसीय मैच भी भारतीय टीम ने डकवर्थ लुईस मैथड से आठ विकेट से जीता था. पांच एकदिवसीय मैचों की सीरीज़ में भारत की 2-0 से न्यूज़ीलैंड पर बढ़त कायम है.

अगर यह मैच भारतीय टीम जीत जाती है तो वह सिरीज़ में अजेय बढ़त बना लेगी. लेकिन भारतीय टीम के लिए एक बुरी ख़बर यह है कि अनुभवी बल्लेबाज़ और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोटिल होने के कारण इस मैच में नहीं खेल रहे हैं.

उनकी जगह दिनेश कार्तिक को जगह दी है. वहीं, विवादित टिप्पणी करने पर बैन किए गए ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या टीम में वापस आ गए हैं. उन्हें विजय शंकर की जगह टीम में लाया गया है.

हार्दिक पांड्या और के.एल. राहुल पर टीवी कार्यक्रम 'कॉफ़ी विद करण' में महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद क्रिकेट की प्रशासकीय समिति (सीओए) ने प्रतिबंध लगा दिया था.

भारतीय टीम इस प्रकार है: रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, अंबाती रायुडू, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और युज़वेंद्र चहल.

न्यूज़ीलैंड टीम इस प्रकार है: मार्टिन गुप्टिल, कॉलिन मुनरो, केन विलियम्सन, रॉस टेलर, टॉम लैथम, हेनरी निकॉल्स, मिचेल सेंटनर, डग ब्रेसवेल, ईश सोढी, लॉकी फ़ेग्युसन और ट्रेंट बॉल्ट.

Thursday, January 17, 2019

美俄协商无突破 美方拟2月2日起暂停履行《中导条约》

中新网1月17日电 据俄罗斯卫星网17日报道,美国国务院负责军控与国际安全事务的助理国务卿安德里亚·汤普森1月16日在布鲁塞尔表示,除非俄方拿出其履行《中导条约》的证据,否则美将自所宣布的2月2日起暂停履行该条约义务。

  汤普森指出,1月15日的日内瓦会谈就此问题没有取得突破。在指出美方再次拿出了有关莫斯科未曾遵守《中导条约》的资料的同时她说:“昨天的会晤没有取得任何突破,这令人失望。”

  美国副国务卿说:“我们重申了美国国务卿此前曾做出的表示,在俄罗斯恢复履行《中导条约》之前,美国将自2月2日起暂停履行自己的义务。”她同时指出,现阶段美方只是暂停履行《中导条约》。

  汤普森称,日内瓦《中导条约》问题会晤中自己曾向俄副外长里亚布科夫做出解释,指出俄方在遵守条约方面应采取哪些具体行动。她表示,自己所指的是可核查、彻底销毁美方认为是违反条约的导弹。

美国国务卿蓬佩奥2018年12月4日表示,如果俄罗斯不恢复遵守《中导条约》,美国将在60天后暂停履行条约义务。美国认为,俄罗斯9М729 (SSC-8)巡航导弹的射程违反《中导条约》。负责军备控制和国际安全事务的美国副国务卿汤普森12月6日表示,华盛顿呼吁俄罗斯销毁该型号导弹,或者对其进行改造,以避免其射程违反条约。

  俄罗斯副外长谢尔盖·里亚布科夫在日内瓦《中导条约》问题会晤结束后对媒体称,只有在美国针对俄方关切做出对等回应的情况下莫斯科才会提高9М729导弹问题透明度。里亚布科夫指出,美方没准备就其他问题进行具体对话,在会晤中仅试图讨论9М729导弹问题。

  俄罗斯安全会议秘书帕特鲁舍夫表示,《中导条约》规定的射程起点是500公里,美国指责俄方研发的9М729导弹违反了这一条约,但该导弹的射程不超过476公里。

  美国总统特朗普早前表示美国打算退出《中导条约》,指责俄罗斯违反该条约,并称美国需要发展该条约所限制的武器。俄罗斯总统新闻秘书佩斯科夫回应称,莫斯科希望美国就此给出更详细的解释,并指出,《中导条约》破裂将迫使俄罗斯为保障自身安全采取措施。

  《中导条约》全称《美苏消除两国中程导弹和中短程导弹条约》,1987年12月8日由美国总统里根和苏联领导人戈尔巴乔夫在华盛顿签署。条约禁止双方试验、生产和部署射程500至5500公里的陆基巡航导弹和弹道导弹,但对海基和空基的巡航导弹和弹道导弹并没有做出限制。俄美两国近年来多次相互指责对方违反条约

Wednesday, January 9, 2019

中国高调纪念周恩来逝世43年的三大原因

1月8日,是中国前总理周恩来逝世43周年纪念日。按照中国传统和官方历来的做法,对已故领导人的大规模纪念通常在逢十或逢五的“大日子”。

然而,周恩来逝世43周年的时候,中国官方媒体以及社交媒体上的纪念热度之高,却是其他已故领导人不曾有过的。

在中国社交平台微博上,#周恩来逝世43周年#是最热门的话题之一,截至北京时间晚上7点,有超过一亿人阅读。而在中国另一社交平台微信上,也有不少人在朋友圈中分享纪念周恩来的文章或图片。

周恩来逝世43年后,他在如今的中国仍然有对内对外的多重意义。

民意与舆论
中国建政近70年来,在第一代领导人当中,周恩来堪称争议最少、民意最高、对当局历史负担最轻的一位。

周恩来辅佐多年的毛泽东,因为反右、文化大革命等中共历史上的重大错误,被认为功过“三七开”。

周恩来逝世后,带领中国改革开放的邓小平则与1989年的“六四”天安门广场民主运动被血腥镇压脱不了干系。

而另一位中共开国元勋刘少奇,在毛泽东发动的“文化大革命”中惨遭迫害致死,成为中国当局在纪念他时难免让人想起的黑暗历史。

1976年1月15日中国官方安排的周恩来追悼大会之后,北京市民自发的“十里长街送总理”,人数据称高达100万。

周恩来当年在中国民众心目中的完美形象,似乎一直延续至今。套用当今网民时髦的用语,周恩来仿佛“男神”一般,“日理万机、鞠躬尽瘁、死而后已”这几个成语总是出现在有关他的官方报道中。

查看微博却也不难发现,中国官方以及媒体在民间热议周恩来逝世43周年所发挥的舆论引导作用。共青团中央、中央人民广播电台、中国青年报名列这一话题贡献者排行榜之首。

中国最高领导人习近平在纪念大会上对周恩来作了如此评价:马克思主义者,无产阶级革命家、政治家、军事家、外交家,党和国家主要领导人之一,解放军主要创建人之一,开国元勋,是以毛泽东为核心的中共第一代中央领导层的重要成员。

在如此高度评价之外,习近平还把周恩来称为:不忘初心、坚守信仰的杰出楷模;对党忠诚、维护大局的杰出楷模;热爱人民、勤政为民的杰出楷模;严于律己、清正廉洁的杰出楷模。

比较习近平2018年11月在纪念刘少奇诞辰120周年大会上的讲话,会发现习近平强调的仍然是刘少奇对党忠诚、勤于学习、廉洁奉公的榜样作用